अध्यक्ष पद को लेकर ज़िद्द पर अड़े रहे मुलायम तो नई पार्टी बनाने से परहेज नही करेंगे अखिलेश

नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी में कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है लेकिन अब पिता पुत्र के बीच अध्यक्ष पद को लेकर विवाद जारी है । समाजवादी पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा सुप्रीमो से तीन महीने के लिए सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ने को कहा है लेकिन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने दो टूक शब्दो में इंकार कर दिया है ।

सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बीच जिन मुद्दों पर सहमति बन चुकी है उसमे दोबारा सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश की ताजपोशी और प्रदेश के विधानसभा चुनावो में टिकिट वितरण पर अखिलेश यादव की आखिर मुहर आदि शामिल है । लेकिन बड़ा पेंच इसी बात को लेकर फंसा है कि बदले हालातो में अब मुलायम सिंह यादव अध्यक्ष पद पर अखिलेश की ताजपोशी करने को तैयार नहीं हैं ।

गौरतलब है कि कल सपा सुप्रीमो ने चुनाव आयोग से मिलने के बाद भी अपने बयान में कहा था कि वे ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं । हालाँकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि अखिलेश पार्टी के सीएम हैं ।

वहीँ दूसरी तरफ बड़ी खबर यह भी आ रही है कि विधानसभा चुनावो में कांग्रेस के साथ जिस गठबंधन को लेकर नेताजी ने मना कर दिया था अखिलेश उसी गठबंधन के पक्षधर हैं और वे गठबंधन को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष के संपर्क में बताये जाते हैं । सपा सूत्रों की माने तो अखिलेश और राहुल में जल्द ही इस मामले को लेकर एक बैठक होने की सम्भावना है जिसके बाद कांग्रेस सपा के गठबंधन का औपचारिक एलान किया जाएगा ।

फ़िलहाल यही माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी में सुलह की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं और यदि सपा मुखिया अध्यक्ष पद पर बने रहने की अपनी ज़िद्द पर अड़े रहे तो अखिलेश यादव अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने से परहेज नही करेंगे ।

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