इस्लाम हमेशा से खतरे में था, पर अब हिंदू धर्म भी खतरे में हैः जावेद अख्तर

नई दिल्ली । प्रसिद्द गीतकार जावेद अख्तर ने एक मीडिया हाउस द्वारा आयोजित कराए गए कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि इस्लाम हमेशा से खतरे में था। साथ ही उन्होंने हिंदू धर्म को भी खतरे में बताया। जावेद ने कहा कि ट्रिपल तलाक पर तत्काल बैन लगना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस बात को भी डिटेल में बताया कि क्यों यूनिफॉर्म सिविल कोड पर अच्छी तरह चर्चा के बाद ही इसे लागू किया जाना चाहिए।

विवादित मुद्दों पर अक्सर बहुत मुखर होकर बोलने वाले जावेद ने कहा, “मैंने हमेशा इस तरह की चीजों के खिलाफ आवाज उठाई है। ट्रिपल तलाक को नागरिक समाज में तत्काल बैन किया जाना चाहिए। जहां तक यूनिफॉर्म कॉमन सिविल कोड का सवाल है, तो मैं नहीं जानता कि यह किस हद तक संभव है, क्योंकि हमारा समाज बहुत व्यापक है।”

उन्होंने कहा कि भारत, जो कि कई परंपराओं, संस्कृतियों और उप-संस्कृतियों में बंटा हुआ है, को किसी एक कानून के दायरे में लाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “सरकार को सिविल कोड का एक ड्राफ्ट बनाना चाहिए और इसे इंटरनेट पर डाल देना चाहिए। सिर्फ ड्राफ्ट होना चाहिए, तभी चर्चा संभव है। इस पर एक साल तक मंथन होना चाहिए। अगर किसी तरह की विसंगतियां होती हैं, तो संविधान को और अधिक प्रबल किया जाना चाहिए, और इस बारे में फिर कोई कन्फ्यूजन नहीं होना चाहिए।

अख्तर ने उन राजनेताओं पर भी हमला बोला जो कि इस तरह के मामलों में बेतुके बयान देकर अपना उल्लू सीधा करते हैं। उन्होंने कहा- होता यह है कि जब लोग कोई स्टैंड लेते हैं, तो कई बार यह बहुत व्यापक स्तर पर होता है लेकिन हकीकत कहीं आसपास ही होती है।

कुछ लोग कहते हैं कि अभिव्यक्ति का अधिकार खत्म हो गया है। ऐसा नहीं है। मुझे जो सही लगता है मैं कह देता हूं, लेकिन यह भी सच है कि लोग इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं। चरमपंथियों पर निशाना साथते हुए उन्होंने कहा- इस्लाम हमेशा से खतरे में था, लेकिन अब हिंदू धर्म भी खतरे में है।

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