नोटबंदी बिना होमवर्क किये लिया गया फैसला, जनता के ज़ख्मो पर शब्दो का नमक न छिड़के मोदी: जुनेद क़ाज़ी

न्यूयॉर्क । इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जुनेद क़ाज़ी ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले को बिना होमवर्क के लिए गया फैसला बताया है । उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह का अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बना है उससे साफ़ लगता है कि सरकार ने नोट बंदी का फैसला लेने से पहले पूरा होमवर्क नही किया ।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि करेंसी बदले जाने का काम पहली बार नहीं हुआ है। मोदी सरकार से पहले की सरकारों ने भी नई करेंसियाँ जारी की हैं लेकिन उन्होंने ऐसे हालात नही बनने दिया । उन्होंने कहा कि यदि देश के लोग पूरे पूरे दिन बैंको और एटीएम की लाइन में लगे रहेंगे तो बाकी काम कब करेंगे ।

उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि दो हज़ार का नोट जारी करने में पूरी गोपनीयता बरती गयी है जबकि 5 नवम्बर को उन्ही की पार्टी के पंजाब इकाई के एक नेता अपने ट्विटर एकाउंट से दो हज़ार के नोटों की तस्वीर शेयर कर रहे हैं । इससे कहीं न कहीं सरकार के दावे पर सवालिया निशान लग जाते हैं ।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि सरकार को दो हज़ार का नया नोट लाने से पहले बैंको और एटीएम संचालको से पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए थी । वहीँ पांच सौ और हज़ार का नोट बंद करने के लिए प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन करने की जगह इसकी घोषणा खुद वित्त मंत्री या रिज़र्व बैंक के गवर्नर द्वारा भी कराई जा सकती थी ।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम जिस अंदाज में नोट बंदी की घोषणा की उससे लोगों में भय का माहौल पैदा हुआ । अच्छा होता कि नोट बदलने की प्रक्रिया बैंको के माध्यम से धीमे धीमे शुरू की गयी होती । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज गोवा में अपने भाषण में कहा कि ‘करोडो का घोटाला करने वाले चार हज़ार लेने के लिए लाइन में लगे हैं’, प्रधानमंत्री के मूँह से इस तरह का भाषण उनके पद की गरिमा को कम करता है क्यों कि लाइन में गरीब जनता लग रही है । जिसने अपनी मेहनत की एक एक पाई करके बैंक में जमा की है ।

उन्होंने कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है कि प्रधानमंत्री के कारोपोरेट मित्रो में से कोईभी नोट बदलने के लिए बैंक की लाइन में खड़ा नही देखा गया । क्या उनकी करेंसी बैंक ने उनके घर जाकर बदल दी ? या उनके पास पहले से सूचना थी जिससे उन्होंने पहले ही अपने पुराने नोट बैंक से बदल लिए ?

उन्होंने कहा कि इस मामले की भी जांच की आवश्यकता है कि पांच सौ और हज़ार के नोट बंद होने और दो हज़ार का नया नोट जारी होने की सूचना बीजेपी में किस किस नेता को थी तथा पश्चिम बंगाल बीजेपी ने 8 नवम्बर को पीएम के राष्ट्र के नाम सन्देश से पहले कैसे अपने खाते में करोड़ो रुपये जमा करा दिए ?

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