पोते ने चुराई थीं उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की पांच शहनाइयां

वाराणसी । स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की वाराणसी इकाई ने मंगलवार को भारत रत्न उस्ताद ‌बिस्मिल्लाह खां की चोरी गई पांच शहनाइयों के मामले में बड़ा खुलासा किया। शहनाइयां चुराने वाला कोई और नहीं उस्ताद का पोता नजरे हसन उर्फ शादाब था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार उस्ताद के काजिम के बेटे नजरे आलम उर्फ शादाब ने पांचों शहनाइयों को चुराया था। उसने इनमें से चांदी की चार शहनाइयों को वाराणसी के दो स्वर्णकारों पियरी निवासी पिता-पुत्र शंकर सेठ और सुजीत सेठ को देकर गलवा दिया था।

स्वर्णकारों के पास से एक किलो से ज्यादा चांदी बरामद की गई है। इसके अलावा एक लकड़ी की शहनाई भी बरामद की गई है। एसटीएफ तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

ये शहनाइयां गत चार दिसंबर की रात को दालमंडी के चाहमामा निवासी काजिम के घर से चोरी हुई थीं। काजिम चहमामा वाले घर पर ताला लगाकर 30 नवंबर को बीकाशाह स्थित मकान पर चले गए थे।

चार दिसंबर की शाम जब घर आए, तो मकान के दरवाजे का ताला खुला हुआ था। भीतर जाने पर बड़े बाक्स का ताला टूटा हुआ मिला और उसमें रखी पांचों शहनाइयां गायब थीं। इनमें से चांदी की एक शहनाई पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहा राव, एक पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और एक लालू प्रसाद यादव ने उपहार में दी थी।

उल्लेखनीय है कि उस्ताद के पांच पुत्रों में से दो महताब हुसैन, नैयर हुसैन का इंतकाल हो चुका है। उस्ताद जामिन हुसैन, यश भारती से नवाजे गए तबला वादक उस्ताद नाजिम हुसैन और काजिम हुसैन में आपस में अनबन रहती है। उस्ताद की शहनाई काजिम हुसैन ने अपने घर रखी थी।

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