प्रधानमंत्री जी, क्या हम भी दे सकते हैं नवाज़ शरीफ को बधाई ?

प्रधानमंत्री जी, क्या हम भी दे सकते हैं नवाज़ शरीफ को बधाई ?

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ब्यूरो(राजा ज़ैद) । मुझे इस बात से ज़रा भी एतराज नही कि हमारे देश के प्रधानमंत्री जी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को जन्मदिन की बधाई दी । लेकिन यह जानने का हक मुझे है कि क्या प्रधानमंत्री जी की तरह मैं या मुझ जैसे कुछ छोटे बड़े लोग भी नवाज़ शरीफ को उनके जन्म दिन पर बधाई दे सकते हैं । शंका हुई तो सवाल कर दिया।

सवाल इसलिए करना पड़ा क्यों कि नवाज़ शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं और पाकिस्तान ने लगातार सीजफायर का उल्लंघन करते हुए हमारे देश के न जाने कितने सैनिको की ज़िन्दगी ले ली । दूसरा सवाल यह भी है कि हम पाकिस्तान को दोस्त मानते हैं अथवा दुश्मन ? दुश्मन मानते हैं तो बधाई देने की बात मेरे गले नही उतर रही लेकिन यदि दोस्त मानते हैं तो पाकिस्तान किसका दोस्त है ? उसने हमारे साथ कौन सा दोस्ताना व्यवहार किया है ?

हम जिसे बधाई दे रहे हैं वह सीमापार आतंक के कैम्प चलाता है, आतंकियों को हमारे देश में भेजता है, सीमा पर सीज फायर का उल्लंघन करता है, धोखे से हमारे देश के सैनिको पर हमले करता है आदि आदि ये सब उसकी खूबियां हैं फिर हम उसे दोस्त कैसे मान लें ?

सोशल मीडिया पर आज कई यूजर्स ने यही सवाल उठाया है । लोगों का कहना है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह आज सलमान खान, शाहरुख़ खान, आमिर खान या किसी आम मुसलमान ने नवाज़ शरीफ को उसके जन्मदिन पर बधाई दी होती तो देश के लोगों का खासकर उनका जो अभी अभी हाफ पेंट से फुल पेंट में आये हैं या उन लोगों का जो अपने नाम के साथ साध्वी और महाराज शब्द जोड़ते हैं उनका क्या रिएक्शन होता ?

मेरा सवाल भी ठीक वही है कि क्या देश का कोई आम नागरिक पाक के प्रधानमंत्री को किसी कारण से बधाई दे तो क्या उसे अब देशद्रोही और पाकिस्तान जाने के लिए कहने की प्रथा समाप्त हो गयी है या अभी भी बरकरार है ।

मैं यहाँ उस बेरोज़गार गायक का  भी नाम लेना चाहूंगा जो देशभक्ति के सर्टिफिकेट लेकर ट्विटर पर दुकान चलाता है । जिसने देशभक्ति के नाम पर कई महिलाओं से भी बदतमीज़ी की और उसके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ ।

आखिर देशभक्ति की परिभाषा क्या है ? जो हम करें तो देशभक्ति नही कहलाएगी और वो करेंगे तो भी देशभक्ति कही जायेगी ? ये तय होना चाहिए । इस देश में दोगली मानसिकता के उन लोगों पर अंकुश लगना चाहिए जो धर्म की तराज़ू में तौलकर देशभक्ति के प्रमाणपत्र बांटते हैं । ऐसे लोग भले ही पढे लिखे हों लेकिन उनसे बेहतर वो व्यक्ति है जो अनपढ़ या कम पढ़ा लिखा है ।

यहाँ मैं अपनी बात कर रहा हूँ , नवाज़ शरीफ को बधाई देने से पहले मैं ये ज़रूर पूछना पसंद करूँगा कि हमारे देश के सैनिक चंदू चव्हाण का क्या हाल है ? पाक उसे क्यों रिहा नही कर रहा ? बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद चंदू चव्हाण नामक सैनिक गलती से सीमापार चला गया था वह आज भी पाक के कब्ज़े में हैं ।

मैं एक बार फिर दोहरा दूँ कि मुझे इस बात से ज़रा भी एतराज नही कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को उनके जन्मदिन पर बधाई दी । लेकिन ये ज़रूर पूछना चाहता हूँ कि पाकिस्तान हमारा दोस्त है या दुश्मन ?

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