सिमी सदस्यों को भगाने के लिए जेल के अंदर से हुई मदद !

भोपाल । भोपाल की सेंट्रल जेल से सिमी कैदियों के जेल से भागने में किसी अंदर के व्यक्ति द्वारा मदद किये जाने की संभावना वाले सबूत मिले हैं । इस जेल में सभी कैमरे काम कर रहे थे लेकिन जहाँ सिमी कैदियों की बैरक थी उसी क्षेत्र में लगे कैमरे बंद मिलने से मामला और ज़्यादा संदेहास्पद हो गया है ।

एक नाले से मिले तालों की चाबियों के सांचे और चाकू के अलावा भोपाल की सेंट्रल जेल के बी ब्लॉक में काम नहीं कर रहे सीसीटीवी कैमरे से ऐसे संकेत मिले हैं, जिससे कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि सिमी के आठ सदस्यों के भागने के पीछे लापरवाही ही नहीं, बल्कि जेल के अंदर से मदद और सांठगांठ भी कारण हो सकता है।

पिछले सोमवार को जेल से सिमी के आठ सदस्य भागे थे, जिसके बाद करीब 12 किलोमीटर दूर अचरपुरा में कथित मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई थी। अख़बार के मुताबिक बाद में सामने आए ऑडियो टेप से ये संकेत मिले थे कि पुलिस को इन्हें ख़त्म करने को कहा गया था। अखबार का दावा है कि एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि जेल के अंदर से मदद मिलने की बात काफ़ी चौंकाने वाली है।

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी कहा कि बिना अंदरूनी मदद के जेल से भागना संभव नहीं है और संभावना है कि इसके लिए बाहर से फंडिंग की गई होगी।

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