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क्या यही है विधालय का उद्देश्य

क्या यही है विधालय का उद्देश्य

December 21, 2016 at 1:07 pm

ब्यूरो (निकहत प्रवीन)। “तुम बड़ी होकर क्या बनना चाहती हो”। जैसे ही ये सवाल 7 साल की उस बच्ची से किया, उसकी मासुम आंखे मुझे देर तक घूरती रहीं। इस बच्ची का नाम हैं मधु। मधु बिहार के जिला सीतामढ़ी के कुशैल गांव में विधवा मां के साथ रहती है। और पास के ही सरकारी विद्धालय “उत्क्रमित मध्य विध्यालय” में […]

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गरीब देश के गरीब प्रधानमन्त्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचण्ड’

गरीब देश के गरीब प्रधानमन्त्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचण्ड’

December 15, 2016 at 12:03 pm

काठमाण्डु ( राजु लामा ) । आप लोगो ने अमीर देश के अमीर प्रधानमन्त्री, अमीर ही देश के गरीब प्रधानमन्त्री और गरीब देश के अमीर प्रधानमन्त्री या दुनिया में कही सारे नाम सुने और देखे होंगे मगर दुनिया के उदाहरण देने योग्य नेपाल में हुआ हैं । वो क्या नेपाल दुनिया भर मे अविकसित राष्ट्र कहलाता है । इसलिए दुनिया […]

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दिव्यांग भी हमारे समाज का हिस्सा हैं

दिव्यांग भी हमारे समाज का हिस्सा हैं

December 8, 2016 at 8:48 pm

ब्यूरो (सैयद बशारत हुसैन शाह बुखारी)। “दिव्यांगजन सशक्तीकरण राष्ट्रीय पुरुस्कार 2016” समारोह के दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सार्वजनिक स्थानों, सुविधाओं, को दिव्यांगो के अनुरुप बनाने पर जोर देते हुए कहा कि “पोषक तत्वों की पूर्ति, प्रौद्धोगिकी के इस्तेमाल और समाजिक सहयोग से इनका जीवन सुगम बनाया जा सकता है”। परंतु जम्मू कश्मीर का सीमावर्ती जिला पुंछ जो तीनों ओर […]

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अभी कैशलेस के लिए तैयार नही है देश, साइबर सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण

अभी कैशलेस के लिए तैयार नही है देश, साइबर सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण

December 2, 2016 at 1:59 am

ब्यूरो (राजा ज़ैद) । नोटबंदी करने के पीछे सरकार की जो भी मंशा रही हो लेकिन सच्चाई यह है कि अभी हमारा देश कैश लेस सिस्टम के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है । कैश लेस के लिए ज़रूरी साइबर सुरक्षा में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है । देश के कुछ मंत्रालयों की वेबसाइट पहले भी हैक हो […]

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इल्ज़ाम लगा है कि लोकभारत उनके पीछे पड़ा रहता है

November 30, 2016 at 6:13 pm

ब्यूरो (राजा ज़ैद) । अंध भक्ति क्या होती है और भक्त किसे कहा जा सकता है, ये सवाल मामूली सा लगता है लेकिन इसे परिभाषित करने के लिए उस सोच तक जाना भी ज़रूरी है जो एक भक्त को जन्म देती है । हाँ में हाँ मिलाना, गलत को सही कहना और सही बनाकर पेश करना अंध भक्ति है । ठीक […]

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नज़राना की बेटी आलिया

ईश्वर की रहमत से जन्म लेती हैं बेटियां

November 30, 2016 at 5:19 pm

ब्यूरो(निकहत परवीन)। संयुक्त राष्ट्र के विश्व जन्संख्या कोष( world population fund) की रिपोर्ट बताती है कि हमारे देश मे पिछले बीस सालों मे लगभग 10 करोड़ लड़कियों को गर्भ में ही मार दिया गया। रिपोर्ट जितनी स्पष्ट है कारण भी उतना ही स्पष्ट है, गर्भ मे लड़की का होना। वो लड़की जिसके प्रति हर युग मे समाज के एक बड़े […]

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नोट बंदी पर ये हैं दस बड़े सवाल, क्या आपके पास हैं इनके जबाव !

नोट बंदी पर ये हैं दस बड़े सवाल, क्या आपके पास हैं इनके जबाव !

November 27, 2016 at 9:58 pm

ब्यूरो (राजा ज़ैद)। देश में मोदी सरकार द्वारा लागू की गयी पांच सौ और एक हज़ार रुपये की नोटबंदी के बाद कई ऐसे सवाल पैदा हुए हैं जिनमें सभी सवालो के जबाव सम्भवतः किसी के पास नही हैं। माइक पर योजनाओं के बारे में भाषण देने और योजनाओं को क्रियान्वित करने में बहुत फर्क है । चुनावी मंचो से कुछ […]

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मुसलमानो से धोखा: खुद को मौलाना का नाम देने वाले चल रहे हैं अयोध्या में मंदिर निर्माण की चाल

मुसलमानो से धोखा: खुद को मौलाना का नाम देने वाले चल रहे हैं अयोध्या में मंदिर निर्माण की चाल

November 26, 2016 at 2:22 pm

ब्यूरो(राजा ज़ैद) । देखने में चीजें बड़ी साफ़ और स्पष्ट दिखाई देती हैं लेकिन अंदर उतनी ही साजिशें एक दूसरे में उलझी हैं । कभी खुद को मौलाना कहने वाले एक पार्टी के मुखिया अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए परदे के पीछे संघ और विहिप के लोगों के साथ गुप्त मीटिंगे कर रहे हैं । ऐसा इसलिए भी […]

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पीएम् मोदी ने कहा ‘जनता हमारे साथ है’ लेकिन कौन सी जनता?

पीएम् मोदी ने कहा ‘जनता हमारे साथ है’ लेकिन कौन सी जनता?

November 15, 2016 at 1:45 am

ब्यूरो(राजा ज़ैद)। अचानक पांच सौ और एक हज़ार रूपये की नोट बंदी से जनता परेशान है यह सरकार में बैठे मंत्री और बीजेपी के सांसद जानते हैं लेकिन खुले तौर पर इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं । जब जनता की परेशानी की बात होती है तो वे जानबूझकर जनता की परेशानी को काले धन और भ्रष्टाचार से जोड़कर स्वयं […]

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हमारी मेहनत की कमाई को तुम ब्लेकमनी कहते हो और ब्लेकमनी वालो के टेक्स माफ़ करते हो

हमारी मेहनत की कमाई को तुम ब्लेकमनी कहते हो और ब्लेकमनी वालो के टेक्स माफ़ करते हो

November 14, 2016 at 12:25 am

ब्यूरो (राजा ज़ैद) । पांच सौ और हज़ार के नोट को बंद करने तक तो बात समझ आती है लेकिन ‘बैंको में जमा हमारी मेहनत के पैसे हमे लाइन में लगकर मिलेंगे और कितने मिलेंगे ये सरकार तय कर रही है’ ये बात समझ से परे हैं । हमारी मेहनत की कमाई को सरकार ब्लेक मनी वालो से तुलना कर […]

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